Monday, February 11, 2019

UP Ke 14 Site Jaha Abhi tak SP,BSP ka khata nahi khula

ये है उत्तर प्रदेश की वह 14 सीटें, जहां आज तक सपा-बसपा का खाता नहीं खुला


लोकसभा चुनावों के लिए, सपा-बसपा अपनी 23 साल पुरानी दुश्मनी को भूल गए हैं और दोनों दलों ने एक साथ चुनावी गठबंधन में शामिल होने की घोषणा की है। गठबंधन में सीटों के बटवारा का फॉर्मूला भी तय हो गया है लेकिन यूपी में 14 सीटें ऐसी है जहां पर आज तक ना तो सपा जीती है और ना बसपा

14 सीटें कौन सी है?

बता दें कि सपा-बसपा ने यूपी में 80 में से 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा की है और बाकी सहयोगी दलों के लिए छोड़ दिया है और अमेठी और रायबरेली सीटों पर अपने उम्मीदवार नहीं उतारने का फैसला किया है। इन सीटों में कांग्रेस और भाजपा का गढ़ शामिल हैं। जहां न तो बसपा का सर्वजन

हिताय नारा काम करता है और न ही सपा का यादव-मुस्लिम कार्ड काम करता है। अमेठी-रायबरेली और वाराणसी के अलावा ये सीटें बागपत, हाथरस, मथुरा, पीलीभीत, बरेली, लखनऊ, अमेठी, रायबरेली, कानपुर, अकबरपुर (कानपुर देहात), धौरहरा, श्रावस्ती, कुशीनगर लोकसभा सीटों पर हैं।

इन सीटों में से बागपत, हाथरस और मथुरा की सीटें वेस्ट यूपी से आती हैं और यहां एक दौर में आरएलडी का कब्जा था, लेकिन अब बीजेपी इन सीटों पर काबिज है। अगर सपा-बसपा गठबंधन में आरएलडी को इन सीटों पर लिया जाता है, तो यह सीट गठबंधन के खाते में आ सकती है।

मुस्लिम बाहुल्य सीटें

जाट लैंड सीटों के अलावा, सपा-बसपा ने मुस्लिम-बहुमत वाली कोई भी सीट नहीं जीती है। पीलीभीत, बरेली, श्रावस्ती और लखनऊ ऐसी सीटें हैं जहां मुस्लिम मतदाता निर्णायक भूमिका में है। वर्तमान में इन सीटों पर भाजपा का कब्जा है। यह सीट सपा-बसपा के लिए भी चुनौती साबित हो सकती है।

इसके अलावा, कांग्रेस के गढ़ अमेठी-रायबरेली में सपा-बसपा अपने उम्मीदवार नहीं उतार रही हैं और इन सीटों को कांग्रेस के पास छोड़ दिया गया है।
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